Double LPG Connection Rules : अगर आपके पास डबल गैस कनेक्शन है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस अपने नजदीकी गैस वितरक (Distributor) के पास जाएँ और एक ‘सरेंडर फॉर्म’ भरें। इसके साथ अपने सब्सक्रिप्शन वाउचर (SV), गैस बुक और रेगुलेटर जमा करना होगा। एजेंसी आपको ‘टर्मिनेशन वाउचर’ (TV) देगी, जिससे आपकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी। 2026 में यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है, यानी आप मोबाइल से भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं और एजेंसी का प्रतिनिधि आपके घर आकर सिलेंडर ले जाएगा।
PNG और LPG का एक साथ उपयोग अब प्रतिबंधित
14 मार्च 2026 को जारी नए सरकारी आदेश के मुताबिक, पीएनजी (PNG) ग्राहकों के लिए एलपीजी रखना अब गैरकानूनी है। जिन घरों में पाइप से गैस आती है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर की जरूरत नहीं है। सरकार ने साफ कहा है कि यह दोहरी सुविधा खत्म करने का मुख्य कारण सिलेंडरों की कमी है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिए गए हैं कि पीएनजी धारकों के लिए एलपीजी रिफिल तुरंत ब्लॉक किया जाए। इसका मतलब साफ है, अगर आप नियम नहीं मानेंगे तो रिफिल नहीं मिलेगा और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
2026 गैस कनेक्शन नियम और सरेंडर प्रक्रिया
आपकी वर्तमान स्थिति के आधार पर क्या करना होगा, इसे समझना बहुत जरूरी है। यदि आपके पास सिर्फ एक LPG कनेक्शन है, तो सब ठीक है और सब्सिडी जारी रहेगी। अगर एक ही पते पर दो LPG कनेक्शन हैं, तो आपको तुरंत एक कनेक्शन सरेंडर करना होगा, वरना कनेक्शन काटा जा सकता है और जुर्माना लगाया जा सकता है। PNG और LPG दोनों रखने वाले लोगों के लिए तुरंत LPG सरेंडर करना अनिवार्य है, नहीं तो रिफिल बुकिंग पर रोक और कानूनी नोटिस दिया जाएगा। व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए घरेलू कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है और भारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है। KYC अपडेट न होने पर भी सब्सिडी बंद हो सकती है, इसलिए बायोमेट्रिक और e-KYC जल्द पूरा करें।
छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान
19 मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्थानीय राजस्व विभाग के साथ मिलकर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। खासतौर पर शहरों में, जहां PNG नेटवर्क फैला है, वहां डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन होगा। अगर बुधवार के बाद किसी घर में अवैध अतिरिक्त सिलेंडर पाया गया, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो सकता है। सरकार का मकसद साफ है – एलपीजी और PNG संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित करना।
सब्सिडी और रिफिल के नए नियम
2026 में एलपीजी सब्सिडी केवल उन्हीं को मिल रही है जिनका e-KYC पूरा है और जो PNG का इस्तेमाल नहीं कर रहे। इसके अलावा, अब एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के बीच कम से कम 15 से 21 दिनों का अंतर होना अनिवार्य है। यह नियम पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए बनाया गया है। यदि आप अतिरिक्त कनेक्शन सरेंडर कर देते हैं, तो आपका प्राथमिक कनेक्शन ही प्राथमिकता के आधार पर रिफिल करेगा।
सुरक्षित और स्मार्ट रसोई
नए नियमों के साथ सरकार ने सुरक्षा मानकों को भी बढ़ाया है। अब हर 5 साल में अनिवार्य सुरक्षा जांच (Mandatory Inspection) डिजिटल रूप से ट्रैक की जा रही है। अगर आपकी सुरक्षा जांच पेंडिंग है, तो कनेक्शन अस्थायी रूप से सस्पेंड हो सकता है। 2026 में सभी सिलेंडरों पर QR कोड लगा हुआ है, जिससे उनकी ट्रैकिंग आसान हो गई है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप या पोर्टल से यह जान सकते हैं कि उनका सिलेंडर कहां से आया और इसमें गैस की मात्रा कितनी है। इससे रसोई सुरक्षित और स्मार्ट बनी रहेगी।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी 19 मार्च 2026 तक की आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, OMCs के निर्देश और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। एलपीजी सरेंडर की अंतिम तिथि, जुर्माना और प्रक्रिया राज्य या गैस कंपनी (IOCL, BPCL, HPCL) के अनुसार अलग हो सकती है। किसी भी भ्रम की स्थिति में अपने नजदीकी वितरक या www.mylpg.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी लें।








