PM Kisan 23rd Installment : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे उनकी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी हो सकें। यह पैसा एक साथ नहीं बल्कि तीन किस्तों में दिया जाता है, यानी हर चार महीने में ₹2000 सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल है, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रहती और पैसा सीधे किसानों तक पहुंचता है।
अब तक कितनी किस्तें मिल चुकी हैं
योजना की शुरुआत से लेकर अब तक सरकार किसानों को 22 किस्तें दे चुकी है। इन किस्तों के जरिए देशभर में लाखों करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। हाल ही में 22वीं किस्त मार्च 2026 में जारी की गई थी, जिसमें करीब 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को लाभ मिला। इस दौरान हजारों करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे गए, जिससे उन्हें खेती और घरेलू खर्च में काफी मदद मिली।
23वीं किस्त कब आ सकती है
अब किसानों की नजर 23वीं किस्त पर टिकी हुई है। पिछले पैटर्न को देखें तो सरकार हर साल फरवरी, जून और अक्टूबर के आसपास किस्त जारी करती है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 23वीं किस्त जून के अंत या जुलाई 2026 के बीच कभी भी आ सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से पीएम किसान की वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें।
इस बार नई शर्त: किसान आईडी जरूरी
इस बार 23वीं किस्त को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है, जिसमें “किसान आईडी” को जरूरी बताया जा रहा है। यह एक डिजिटल पहचान पत्र होगा, जिसमें किसान की जमीन, फसल और अन्य जानकारी दर्ज रहती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल सही और पात्र किसानों को ही मिले। अगर आपने अभी तक किसान आईडी नहीं बनवाई है, तो आपकी अगली किस्त रुक सकती है।
किसान आईडी के फायदे क्या हैं
किसान आईडी सिर्फ पीएम किसान योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई और फायदे भी हैं। इसके जरिए किसानों को बीज और खाद पर मिलने वाली सब्सिडी आसानी से मिलती है और फसल बीमा का क्लेम भी जल्दी निपट जाता है। इसके अलावा बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो जाती है, क्योंकि सारी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होती है।
ई-केवाईसी भी है अनिवार्य
23वीं किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी कराना भी बेहद जरूरी है। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। ई-केवाईसी दो तरीकों से की जा सकती है – पहला ऑनलाइन OTP के जरिए और दूसरा नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से। यह प्रक्रिया आसान है और इसे जल्दी पूरा करना जरूरी है।
जरूरी दस्तावेज और तैयारी
ई-केवाईसी या किसान आईडी बनवाते समय आपको आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े कागजात साथ रखने होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो। अगर यह काम पहले से पूरा होगा, तो किस्त मिलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
किस्त का स्टेटस कैसे चेक करें
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी किस्त आई है या नहीं, तो यह काम भी बहुत आसान है। आप पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” सेक्शन में अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जानकारी देख सकते हैं। OTP डालने के बाद आपको सभी किस्तों का पूरा विवरण दिखाई देगा। अगर कोई समस्या हो, तो हेल्पलाइन या नजदीकी कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
कौन लोग नहीं ले सकते योजना का लाभ
हर योजना की तरह इसमें भी कुछ नियम हैं। इस योजना का लाभ वही किसान ले सकते हैं जिनके पास अपनी जमीन है। जो किसान किराए की जमीन पर खेती करते हैं, वे इसके पात्र नहीं हैं। इसके अलावा आयकर देने वाले, सरकारी नौकरी करने वाले और ₹10,000 से ज्यादा पेंशन पाने वाले लोग भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं।
Disclaimer :
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पीएम किसान योजना से जुड़ी तारीखें, नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित सरकारी विभाग से पुष्टि करना जरूरी है।








